जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व है, जिसे भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं, प्रेम, भक्ति और गीता के संदेश को याद करते हैं। जन्माष्टमी के इस खास अवसर पर लोग अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं देने के लिए सुंदर शायरी और संदेश भी शेयर करते हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए हमने यहां 100 Janmashtami Shayari in Hindi का खास कलेक्शन तैयार किया है।
इस लेख में आपको Janmashtami Shayari, Krishna Janmashtami Shayari, Happy Janmashtami Shayari और Janmashtami Par Shayari के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और प्रेम से जुड़ी खूबसूरत पंक्तियां मिलेंगी। इसके अलावा, Krishna Janmashtami Shayari Hindi, Janmashtami Ki Shayari, Janmashtami Shayari Gujarati और Janmashtami Shayari Bhojpuri भी शामिल हैं।
अगर आप जन्माष्टमी पर व्हाट्सऐप स्टेटस, फेसबुक पोस्ट या इंस्टाग्राम कैप्शन के लिए भक्तिमय और दिल को छू लेने वाली शायरी खोज रहे हैं, तो यह कलेक्शन आपके लिए उपयोगी रहेगा। इन शायरियों के माध्यम से आप कान्हा के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम को खूबसूरत शब्दों में व्यक्त कर सकते हैं।
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Janmashtami Shayari
Janmashtami Shayari भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी और भक्ति को शब्दों में व्यक्त करने का सुंदर माध्यम है। जन्माष्टमी के अवसर पर भक्त कान्हा की बाल लीलाओं, उनकी मधुर मुस्कान और दिव्य प्रेम को याद करते हैं। ऐसी शायरियां त्योहार की शुभकामनाएं देने के साथ-साथ मन में भक्ति का भाव भी जगाती हैं। आप इन खूबसूरत पंक्तियों को अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। व्हाट्सऐप स्टेटस, फेसबुक पोस्ट और इंस्टाग्राम कैप्शन के लिए भी जन्माष्टमी शायरी एक शानदार विकल्प है। श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और आस्था को सरल शब्दों में व्यक्त करने के लिए यह शायरी खास महत्व रखती है।

माखन चुराकर जिसने सबको हंसाया है,
बंसी बजाकर जिसने जग को नचाया है,
आओ मनाएं जन्म उस मुरलीधर का मिलकर,
जिसने हर अंधेरे दिल में दीप जलाया है।
Makhan churakar jisne sabko hansaya hai,
Bansi bajakar jisne jag ko nachaya hai,
Aao manayein janm us murlidhar ka milkar,
Jisne har andhere dil mein deep jalaya hai.
मधुर तराने गूंजे हैं आज हर एक गली में,
सुर सजे हैं भक्ति के हर फूल और कली में,
आए हैं कान्हा मिटाने धरा का सारा गम,
रंग मोहब्बत का घुला है दिल की हर थाली में।
Madhur taraane goonje hain aaj har ek gali mein,
Sur saje hain bhakti ke har phool aur kali mein,
Aaye hain Kanha mitane dhara ka saara gham,
Rang mohabbat ka ghula hai dil ki har thaali mein.
सांवली सूरत पर जिसकी चांद भी फिदा है,
उस नटखट मोहन की हर एक बात जुदा है,
छोड़ के दुनिया की फिक्र जो ध्यान लगाए,
उसके तो रूह में बसता वो खुद खुदा है।
Sanwali soorat par jiski chand bhi fida hai,
Us natkhat Mohan ki har ek baat juda hai,
Chhod ke duniya ki fikr jo dhyan lagaye,
Uske to rooh mein basta wo khud khuda hai.
मिश्री का स्वाद है और माखन का प्यार है,
जन्माष्टमी का पावन ये सुंदर त्योहार है,
झूम उठी है सृष्टि कान्हा के आगमन से,
हर एक दिल में उमड़ा भक्ति का खुमार है।
Mishri ka swaad hai aur makhan ka pyaar hai,
Janmashtami ka paawan ye sundar tyohar hai,
Jhoom uthi hai srishti Kanha ke aagaman se,
Har ek dil mein umda bhakti ka khumaar hai.
यमुना का किनारा और वो कदम्ब की छांव,
दौड़ा चला आया दर्शन को सारा गांव,
जन्माष्टमी की रात जब जन्मे थे कन्हैया,
पुलकित हो गए थे अंबर और पावन पांव।
Yamuna ka kinara aur wo kadamb ki chhanv,
Dauda chala aaya darshan ko saara gaanv,
Janmashtami ki raat jab janme the Kanhaiya,
Pulkit ho gaye the ambar aur paawan paanv.
नयनों में काजल और माथे मोरपंख सजाए,
बांसुरी की धुन पर जो सबको ही रिझाए,
ऐसी पावन रात में जब अवतरे नंदलाल,
हर भक्त झूम के बस राधे-राधे गाए।
Nayanon mein kaajal aur maathe morpankh sajaye,
Bansuri ki dhun par jo sabko hi rijhaye,
Aisi paawan raat mein jab avtare Nandlal,
Har bhakt jhoom ke bas Radhe-Radhe gaaye.
माखन की मटकी फोड़ी और प्रीत को जगाया,
अधर्म की छांव से इस जग को बचाया,
जन्माष्टमी का पर्व यही पैगाम देता है,
सच्चे कर्म से ही ईश्वर को हर युग ने पाया।
Makhan ki matki phodi aur preet ko jagaya,
Adharm ki chhanv se is jag ko bachaya,
Janmashtami ka parv yahi paigaam deta hai,
Sacche karm se hi Ishwar ko har yug ne paaya.
अंधियारी कारागार में वो ज्योति जली थी,
जिसकी चमक से फिर हर एक विपदा टली थी,
जन्माष्टमी के नूर से रोशन हुआ जहान,
खिली वो मुस्कान जो सदियों से पली थी।
Andhiyari kaaraagaar mein wo jyoti jali thi,
Jiski chamak se phir har ek vipda tali thi,
Janmashtami ke noor se roshan hua jahaan,
Khili wo muskaan jo sadiyon se pali thi.
चोरी भी करे जो तो दिल जीत ही ले जाए,
रूठे जो कभी कोई तो पल में मनाए,
जन्माष्टमी के रंग में ऐसे रंगी दुनिया,
कि हर लब पे बस कान्हा का ही नाम आए।
Chori bhi kare jo to dil jeet hi le jaaye,
Roothe jo kabhi koi to pal mein manaaye,
Janmashtami ke rang mein aise rangi duniya,
Ki har lab pe bas Kanha ka hi naam aaye.
झूलों की कतार है और फूलों की बहार है,
गोकुल के राजा से हर दिल को प्यार है,
जन्माष्टमी का दिन है सबसे हसीं यारो,
इस दिन पर तो हम सबका जीवन निसार है।
Jhoolon ki kataar hai aur phoolon ki bahaar hai,
Gokul ke raja se har dil ko pyaar hai,
Janmashtami ka din hai sabse haseen yaaro,
Is din par to hum sabka jeevan nisaar hai.
Krishna Janmashtami Shayari
Krishna Janmashtami Shayari में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, उनकी लीलाओं और भक्तों के प्रति प्रेम की सुंदर झलक देखने को मिलती है। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भगवान विष्णु के श्रीकृष्ण अवतार की याद में मनाया जाता है। इस खास दिन पर भक्त मंदिरों में पूजा करते हैं और कान्हा के भजन, गीत तथा शायरी शेयर करते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी की शायरी आपके शुभकामना संदेश को और अधिक भावपूर्ण बना सकती है। इसमें राधा-कृष्ण का प्रेम, मुरली की मधुर धुन और नंदलाल की मनमोहक छवि जैसे भाव शामिल किए जा सकते हैं। इन पंक्तियों को आप अपने प्रियजनों को भेजकर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं।

यशोदा का दुलारा वो देवकी का लाल है,
रूप उसका अनुपम बड़ा ही कमाल है,
कृष्ण जन्माष्टमी की रात जो पुकारे उसे,
मिट जाता उसके जीवन का हर मलाल है।
Yashoda ka dulaara wo Devaki ka laal hai,
Roop uska anupam bada hi kamaal hai,
Krishna Janmashtami ki raat jo pukaare use,
Mit jaata uske jeevan ka har malaal hai.
अधरों पे बांसुरी और नैनों में ठहराव,
मिटा दे जो पल भर में जीवन का हर घाव,
कृष्ण जन्माष्टमी पर शीश नवा लो प्रेम से,
पार लगा देगा वो तुम्हारी हर इक नाव।
Adharon pe bansuri aur nainon mein thehraav,
Mita de jo pal bhar mein jeevan ka har ghaav,
Krishna Janmashtami par sheesh nawa lo prem se,
Paar laga dega wo tumhari har ik naav.
हाथों में सुदर्शन और होठों पे मुस्कान,
गीता का ज्ञान देकर बढ़ाया सबका मान,
कृष्ण जन्माष्टमी आई है खुशियां लुटाने,
गाओ रे भजन और करो उनका गुणगान।
Haathon mein sudarshan aur hothon pe muskaan,
Geeta ka gyaan dekar badhaya sabka maan,
Krishna Janmashtami aayi hai khushiyan lutane,
Gaao re bhajan aur karo unka gungaan.
कालिया के फन पर जिसने ताल था मिलाया,
गोवर्धन पर्वत को उंगली पे उठाया,
कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव है ये पावन,
जिसने हर भक्त को प्रेम मार्ग है सिखाया।
Kaliya ke phan par jisne taal tha milaya,
Govardhan parvat ko ungli pe uthaya,
Krishna Janmashtami ka utsav hai ye paawan,
Jisne har bhakt ko prem maarg hai sikhaya.
गोपियों के संग जो रास रचाता है,
रूठे हुए भक्तों को झट से मनाता है,
कृष्ण जन्माष्टमी पर जो मांगे दिल से,
उसकी झोली खुशियों से वो भर जाता है।
Gopiyon ke sang jo raas rachata hai,
Roothe huye bhakton ko jhat se manata hai,
Krishna Janmashtami par jo maange dil se,
Uski jholi khushiyon se wo bhar jaata hai.
नटखट वो अदाएं और माखन की वो चोरी,
बांधी थी प्रेम की जिसने इक पतली डोरी,
कृष्ण जन्माष्टमी पर गूंजा है जयकारा,
झूम उठी आज फिर से राधा गोरी।
Natkhat wo adaayein aur makhan ki wo chori,
Bandhi thi prem ki jisne ik patli dori,
Krishna Janmashtami par goonja hai jaykara,
Jhoom uthi aaj phir se Radha gori.
कंस के अधर्म का नाश करने आया था,
धर्म की ध्वजा को जग में फहराया था,
कृष्ण जन्माष्टमी का संदेश है यही,
सच की डगर पर चलना सिखाया था।
Kans ke adharm ka naash karne aaya tha,
Dharm ki dhwaja ko jag mein fehraya tha,
Krishna Janmashtami ka sandesh hai yahi,
Sach ki dagar par chalna sikhaya tha.
अंधियारे में भी जो राह दिखा देता है,
भटके हुए राही को मंजिल बना देता है,
कृष्ण जन्माष्टमी पर जप लो हरि का नाम,
वो हर एक मुश्किल को आसान बना देता है।
Andhiyare mein bhi jo raah dikha deta hai,
Bhatke huye raahi ko manjil bana deta hai,
Krishna Janmashtami par jap lo Hari ka naam,
Wo har ek mushkil ko aasaan bana deta hai.
वृंदावन की गलियों में फिर से बहार आई,
मुरली की तानों ने नई धुन सुनाई,
कृष्ण जन्माष्टमी की पावन बेला पर,
सारे जहां में प्रभु की महिमा समाई।
Vrindavan ki galiyon mein phir se bahaar aayi,
Murli ki taanon ne nayi dhun sunayi,
Krishna Janmashtami ki paawan bela par,
Saare jahaan mein Prabhu ki mahima samayi.
चरणों में जिनके सारा संसार झुकता है,
जिनकी कृपा से वक्त का पहिया भी रुकता है,
कृष्ण जन्माष्टमी पर मांगो प्रभु से आशीष,
उनकी दया का दरिया कभी ना सूखता है।
Charanon mein jinke saara sansaar jhukta hai,
Jinki kripa se waqt ka pahiya bhi rukta hai,
Krishna Janmashtami par maango Prabhu se aashish,
Unki daya ka dariya kabhi na sookhta hai.
Janmashtami Shayari in Hindi
Janmashtami Shayari in Hindi उन भक्तों के लिए खास है जो जन्माष्टमी की शुभकामनाएं अपनी मातृभाषा में देना पसंद करते हैं। हिंदी में लिखी गई भक्तिमय शायरी भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और श्रद्धा को सरल तथा भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत करती है। जन्माष्टमी पर ऐसी शायरी को स्टेटस, पोस्ट या व्यक्तिगत संदेश के रूप में शेयर किया जा सकता है। इसमें कान्हा की बाल लीलाओं, राधा के प्रेम और भक्तों पर उनकी कृपा का सुंदर वर्णन किया जा सकता है। अगर आप इस पावन पर्व पर कुछ अलग और दिल को छू लेने वाला संदेश साझा करना चाहते हैं, तो हिंदी जन्माष्टमी शायरी आपके लिए बेहतरीन विकल्प है।

राधा की चाहत और मीरा की प्रीत है,
कान्हा ही जीवन का सबसे पावन गीत है,
जन्माष्टमी की रात जब उतरे वो जमीं पर,
हार कर भी हर आशिक की होती जीत है।
Radha ki chahat aur Meera ki preet hai,
Kanha hi jeevan ka sabse paawan geet hai,
Janmashtami ki raat jab utre wo zameen par,
Haar kar bhi har aashiq ki hoti jeet hai.
मटकी से माखन गिरे तो शोर मच जाए,
कान्हा जो देखे तो दिल संवर जाए,
जन्माष्टमी के इस पावन सफर में,
भक्तों का मन भक्ति रस में तर जाए।
Matki se makhan gire to shor mach jaaye,
Kanha jo dekhe to dil sanwar jaaye,
Janmashtami ke is paawan safar mein,
Bhakton ka man bhakti ras mein tar jaaye.
सुदामा की गरीबी को जिसने मिटाया था,
दो मुट्ठी चावल पर सब कुछ लुटाया था,
जन्माष्टमी पर याद करो उस यार को,
जिसने मित्रता का सच्चा फर्ज निभाया था।
Sudama ki gareebi ko jisne mitaya tha,
Do mutthi chaawal par sab kuch lutaya tha,
Janmashtami par yaad karo us yaar ko,
Jisne mitrata ka saccha farz nibhaya tha.
चंदन की खुशबू और रेशम का हार है,
सांवरिया सरकार का आया दरबार है,
जन्माष्टमी के दिन जो भी झुकाए पलकें,
उस पर बरसता खुशियों का संसार है।
Chandan ki khushboo aur resham ka haar hai,
Sanwariya sarkaar ka aaya darbaar hai,
Janmashtami ke din jo bhi jhukaye palkein,
Us par barasta khushiyon ka sansaar hai.
चाहे कुरुक्षेत्र हो या गोकुल की छांव,
प्रेम से चले तो ना थकेंगे कभी पांव,
जन्माष्टमी की रात यही सोच के झूमो,
प्रभु के कदमों में है पूरा ये गांव।
Chaahe Kurukshetra ho ya Gokul ki chhanv,
Prem se chale to na thakenge kabhi paanv,
Janmashtami ki raat yahi soch ke jhoomo,
Prabhu ke kadmon mein hai poora ye gaanv.
दिल की हर धड़कन में कान्हा का वास हो,
होठों पे बस राधे-राधे की मिठास हो,
जन्माष्टमी के दिन मिट जाएं सारे गिले,
हर एक लम्हा बस खुशियों का अहसास हो।
Dil ki har dhadkan mein Kanha ka waas ho,
Hothon pe bas Radhe-Radhe ki mithaas ho,
Janmashtami ke din mit jaayein saare gile,
Har ek lamha bas khushiyon ka ehsaas ho.
सांवला बदन और रेशमी जुल्फों का जाल,
देख जिसे हो जाता हर दिल निहाल,
जन्माष्टमी के नूर से सजा है जहां,
आया है गोकुल का प्यारा गोपाल।
Sanwla badan aur reshmi zulfon ka jaal,
Dekh jise ho jaata har dil nihaal,
Janmashtami ke noor se saja hai jahaan,
Aaya hai Gokul ka pyaara Gopal.
ना दौलत की चाहत ना तख्त की बात है,
कान्हा के चरणों में ही पूरी कायनात है,
जन्माष्टमी पर बस इतना सा मांग लो,
जिंदगी भर मिले उनका ही साथ है।
Na daulat ki chahat na takht ki baat hai,
Kanha ke charnon mein hi poori kaaynaat hai,
Janmashtami par bas itna sa maang lo,
Zindagi bhar mile unka hi saath hai.
मुरली की तान जब हवाओं में घुली,
भक्ति की हर बंद खिड़की फिर से खुली,
जन्माष्टमी के पर्व की ये शान निराली,
पाप की मैली चादर प्रभु नाम से धुली।
Murli ki taan jab hawaon mein ghuli,
Bhakti ki har band khidki phir se khuli,
Janmashtami ke parv ki ye shaan niraali,
Paap ki maili chaadar Prabhu naam se dhuli.
नटखट सी हंसी में छुपा सारा जहां है,
कान्हा के कदमों में ही तो आसमां है,
जन्माष्टमी की इस रात में डूब जाओ,
यही प्रेम की सबसे सच्ची दास्तां है।
Natkhat si hansi mein chhupa saara jahaan hai,
Kanha ke kadmon mein hi to aasmaan hai,
Janmashtami ki is raat mein doob jaao,
Yahi prem ki sabse sacchi daastaan hai.
Happy Janmashtami Shayari

Happy Janmashtami Shayari के जरिए आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों को जन्माष्टमी की खूबसूरत शुभकामनाएं दे सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का यह पावन पर्व खुशी, प्रेम और भक्ति का संदेश देता है। इसलिए इस दिन भेजी गई शुभकामना शायरी में सकारात्मकता और श्रद्धा का भाव होना खास माना जाता है। आप इन शायरियों को व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शेयर कर सकते हैं। सुंदर शब्दों में लिखी Happy Janmashtami Shayari आपके संदेश को सामान्य शुभकामना से ज्यादा खास बना सकती है। कान्हा की कृपा, सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ ऐसी शायरी अपनों तक पहुंचाना इस पर्व की खुशी को और बढ़ा देता है।
खुशियों की सौगात लेकर ये दिन आया है,
कान्हा ने अपने प्यार का बादल बरसाया है,
हैप्पी जन्माष्टमी कहो दिल खोलकर सबको,
प्रभु ने हर दुखियारे का भाग्य जगाया है।
Khushiyon ki saugaat lekar ye din aaya hai,
Kanha ne apne pyaar ka baadal barsaaya hai,
Happy Janmashtami kaho dil kholkar sabko,
Prabhu ne har dukhiyaare ka bhaagya jagaya hai.
दीयों की रोशनी से हर कोना जगमगाए,
मुरली की मीठी धुन आपके घर में समाए,
हैप्पी जन्माष्टमी की इस पावन घड़ी पर,
आपका हर सपना हकीकत बन जाए।
Deeyon ki roshni se har kona jagmagaye,
Murli ki meethi dhun aapke ghar mein samaye,
Happy Janmashtami ki is paawan ghadi par,
Aapka har sapna haqeeqat ban jaaye.
मुस्कुराते रहें आप फूलों की तरह सदा,
दूर रहे गम और ना हो कोई भी खता,
हैप्पी जन्माष्टमी की दुआ है दिल से,
बरसे आप पर श्याम की हरदम अता।
Muskurate rahein aap phoolon ki tarah sada,
Door rahe gham aur na ho koi bhi khata,
Happy Janmashtami ki dua hai dil se,
Barse aap par Shyam ki hardam ata.
माखन की मिठास आपके लबों पे रहे,
खुशियों का समंदर आपके आंगन बहे,
हैप्पी जन्माष्टमी का ये पावन पर्व,
जिंदगी भर आपसे बस यही बात कहे।
Makhan ki mithaas aapke labon pe rahe,
Khushiyon ka samandar aapke aangan bahe,
Happy Janmashtami ka ye paawan parv,
Zindagi bhar aapke sang bas yahi baat kahe.
फूलों से सजें आपके जीवन की राहें,
खुशियों से भर जाएं आपकी ये बाहें,
हैप्पी जन्माष्टमी के इस शुभ अवसर पर,
पूरी हों आपकी दिल से मांगी सब चाहें।
Phoolon se sajein aapke jeevan ki raahein,
Khushiyon se bhar jaayein aapki ye baahein,
Happy Janmashtami ke is shubh awsar par,
Poori hon aapki dil se maangi sab chaahein.
गोकुल का आनंद आपके घर में छाए,
नटखट कन्हैया आपकी विपदा मिटाए,
हैप्पी जन्माष्टमी की दिलकश सुबह पर,
हर शख्स मुस्कुराए और मंगल गाए।
Gokul ka aanand aapke ghar mein chhaye,
Natkhat Kanhaiya aapki vipda mitaye,
Happy Janmashtami ki dilkash subah par,
Har shakhs muskuraye aur mangal gaaye.
राधे-श्याम का नाम सदा लबों पे रहे,
प्यार की गंगा इस दिल में बहे,
हैप्पी जन्माष्टमी का ये खूबसूरत दिन,
हर एक दर्द को पल में भुला के रहे।
Radhe-Shyam ka naam sada labon pe rahe,
Pyaar ki Ganga is dil mein bahe,
Happy Janmashtami ka ye khoobsurat din,
Har ek dard ko pal mein bhula ke rahe.
तारों की चमक और चांद का नूर मिले,
आपको जीवन में हर एक सुरूर मिले,
हैप्पी जन्माष्टमी की पावन रात में,
कान्हा के चरणों में सदा हुजूर मिले।
Taaron ki chamak aur chand ka noor mile,
Aapko jeevan mein har ek suroor mile,
Happy Janmashtami ki paawan raat mein,
Kanha ke charnon mein sada huzoor mile.
दही की हांडी टूटे और उमंग छा जाए,
कान्हा की मुरली हर दिल को भा जाए,
हैप्पी जन्माष्टमी की बधाई हो सबको,
कि जिंदगी में नया एक रंग आ जाए।
Dahi ki haandi toote aur umang chha jaaye,
Kanha ki murli har dil ko bha jaaye,
Happy Janmashtami ki badhaai ho sabko,
Ki zindagi mein naya ek rang aa jaaye.
हर पल आपका खुशियों से आबाद रहे,
दिल में हमेशा प्रभु की ही याद रहे,
हैप्पी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं हैं,
कि जीवन में सदा ही बस फरियाद रहे।
Har pal aapka khushiyon se aabaad rahe,
Dil mein hamesha Prabhu ki hi yaad rahe,
Happy Janmashtami ki shubhkaamnayein hain,
Ki jeevan mein sada hi bas fariyaad rahe.
Janmashtami Par Shayari
Janmashtami Par Shayari भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी को व्यक्त करने का शानदार तरीका है। जन्माष्टमी के दिन घरों और मंदिरों में विशेष पूजा, झांकियां और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर भक्त अपने दोस्तों और परिवार के साथ कृष्ण भक्ति से जुड़ी शायरी भी शेयर करते हैं। जन्माष्टमी पर लिखी गई शायरी में कान्हा की सुंदर छवि, उनकी मुरली, राधा के प्रति प्रेम और भक्तों के लिए उनके संदेश का वर्णन किया जा सकता है। अगर आप सोशल मीडिया पर जन्माष्टमी से जुड़ा भावपूर्ण कंटेंट पोस्ट करना चाहते हैं, तो ऐसी शायरी आपके पोस्ट को आकर्षक और भक्तिमय बना सकती है।

जन्माष्टमी पर जगमगाया हर एक धाम है,
चारों तरफ बस गूंजता बांके का नाम है,
जिसने शरण ली उस गिरधर गोपाल की,
उसका संवर जाता हर बिगड़ा काम है।
Janmashtami par jagmagaya har ek dhaam hai,
Chaaron taraf bas goonjta Baanke ka naam hai,
Jisne sharan li us Girdhar Gopal ki,
Uska sanwar jaata har bigda kaam hai.
जन्माष्टमी पर दिल में एक नया उजाला हो,
सांवरे के रंग में रंगा हर मतवाला हो,
छोड़कर बैर हम बांटे बस मोहब्बत,
हर लब पे राधे नाम का ही प्याला हो।
Janmashtami par dil mein ek naya ujaala ho,
Saanwre ke rang mein ranga har matwaala ho,
Chhodkar bair hum baantein bas mohabbat,
Har lab pe Radhe naam ka hi pyala ho.
जन्माष्टमी पर गूंज उठी यशोदा की लोरी,
सज गई फिर से नटखट कान्हा की टोली,
मटकी फोड़कर सिखाया जीने का सलीका,
प्रेम से भर दी सबकी खाली झोली।
Janmashtami par goonj uthi Yashoda ki lori,
Saj gayi phir se natkhat Kanha ki toli,
Matki phodkar sikhaya jeene ka saleeqa,
Prem se bhar di sabki khaali jholi.
जन्माष्टमी पर जब बाजे कान्हा की बंसिया,
हंसने लगे पल में उदास बैठी अखियां,
रास रचाने आईं यमुना के तीर पर,
छोड़ के अपना घर-बार सारी सखियां।
Janmashtami par jab baaje Kanha ki bansiya,
Hansne lagein pal mein udaas baithi akhiyaan,
Raas rachaane aayin Yamuna ke teer par,
Chhod ke apna ghar-baar saari sakhiyaan.
जन्माष्टमी पर कर लो अपने मन को पावन,
जैसे धरती को शीतल करता है सावन,
कृष्ण नाम का जाप जो कर ले सच्चे दिल से,
महक उठेगा उसका सारा अंतर्मन।
Janmashtami par kar lo apne man ko paawan,
Jaise dharti ko sheetal karta hai saawan,
Krishna naam ka jaap jo kar le sacche dil se,
Mehak uthega uska saara antarman.
जन्माष्टमी पर महक उठी भक्ति की क्यारी,
दर्शन को तरसे ये आंखें हमारी,
आ जाओ कान्हा अब देर ना लगाओ,
तुम्हारी राह देख रही दुनिया सारी।
Janmashtami par mehak uthi bhakti ki kyaari,
Darshan ko tarse ye aankhein humari,
Aa jaao Kanha ab der na lagaao,
Tumhari raah dekh rahi duniya saari.
जन्माष्टमी पर दिल से ये फरियाद करते हैं,
हम हर घड़ी बस तुझको ही याद करते हैं,
रखना दया का साया हमेशा हम पर,
तेरे ही भरोसे जिंदगी आबाद करते हैं।
Janmashtami par dil se ye fariyaad karte hain,
Hum har ghadi bas tujhko hi yaad karte hain,
Rakhna daya ka saaya hamesha hum par,
Tere hi bharose zindagi aabaad karte hain.
जन्माष्टमी पर सजा है कान्हा का पालना,
सीखो तुम सच की राहों पर चलना,
त्याग दो नफरत और अपनाओ प्रीत को,
दुख की घड़ियों में भी तुम ना मचलना।
Janmashtami par saja hai Kanha ka paalna,
Seekho tum sach ki raahon par chalna,
Tyaag do nafrat aur apnaao preet ko,
Dukh ki ghadiyon mein bhi tum na machalna.
जन्माष्टमी पर प्रेम का दरिया उमड़ पड़ा,
कान्हा का भक्त हर मुश्किल से लड़ पड़ा,
जिसके भी सिर पे रख दिया मुरलीधर ने हाथ,
वो शून्य से उठकर अंबर पे चढ़ पड़ा।
Janmashtami par prem ka dariya umad pada,
Kanha ka bhakt har mushkil se lad pada,
Jiske bhi sir pe rakh diya Murlidhar ne haath,
Wo shoonya se uthkar ambar pe chadh pada.
जन्माष्टमी पर सब झूमो गाओ खुशी से,
रिश्ता जोड़ लो उस बांके बिहारी से,
भवसागर से पार वही करवाएगा,
मुक्ति दिलाएगा हर एक लाचारी से।
Janmashtami par sab jhoomo gaao khushi se,
Rishta jod lo us Baanke Bihari se,
Bhavsaagar se paar wahi karwaayega,
Mukti dilaayega har ek laachaari se.
Krishna Janmashtami Shayari Hindi
Krishna Janmashtami Shayari Hindi भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा और प्रेम को हिंदी भाषा में व्यक्त करने का सुंदर माध्यम है। जन्माष्टमी के अवसर पर भक्त नंदलाल के जन्म की खुशी मनाते हैं और उनके दिव्य स्वरूप का स्मरण करते हैं। हिंदी में लिखी कृष्ण शायरी हर उम्र के व्यक्ति को आसानी से समझ आती है और भावनाओं से जोड़ती है। आप इन शायरियों का इस्तेमाल जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देने, स्टेटस लगाने या सोशल मीडिया पोस्ट तैयार करने के लिए कर सकते हैं। राधा-कृष्ण के प्रेम, कान्हा की मुरली और उनकी मनमोहक बाल लीलाओं से जुड़ी पंक्तियां जन्माष्टमी के संदेश को और भी सुंदर बना देती हैं।

मोर मुकुट सिर पर सोहे और गले वैजयंती माला,
सबके संकट हरने आया गोकुल का रखवाला,
कृष्ण जन्माष्टमी की रात जो मन से ध्यावे उसको,
उसके जीवन से मिट जाता है हर इक जाला।
Mor mukut sir par sohe aur gale vaijayanti maala,
Sabke sankat harne aaya Gokul ka rakhwaala,
Krishna Janmashtami ki raat jo man se dhyaawe usko,
Uske jeevan se mit jaata hai har ik jaala.
माखन चुराने वाला वो दिल भी चुरा लेता है,
गले लगाकर हर दुख-दर्द भुला देता है,
कृष्ण जन्माष्टमी पर शीश झुका कर देखो,
वो बिगड़ी तकदीर को पल में बना देता है।
Makhan churaane waala wo dil bhi chura leta hai,
Gale lagaakar har dukh-dard bhula deta hai,
Krishna Janmashtami par sheesh jhuka kar dekho,
Wo bigdi taqdeer ko pal mein bana deta hai.
राधा के नैनों का तारा वो नंद का दुलारा है,
डूबती कश्ती का वही तो एकमात्र सहारा है,
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सजती है मथुरा नगरी,
जिसका हर एक जर्रा बड़ा ही प्यारा है।
Radha ke nainon ka taara wo Nand ka dulaara hai,
Doobti kashti ka wahi to ekmaatra sahaara hai,
Krishna Janmashtami ke din sajti hai Mathura nagari,
Jiska har ek zarra bada hi pyaara hai.
बांसुरी की धुन पर सारा जग मगन हुआ,
पाप का हर एक साया पल में दफन हुआ,
कृष्ण जन्माष्टमी का ऐसा पावन असर हुआ,
कि हर भक्त का हृदय पावन चमन हुआ।
Bansuri ki dhun par saara jag magan hua,
Paap ka har ek saaya pal mein dafan hua,
Krishna Janmashtami ka aisa paawan asar hua,
Ki har bhakt ka hriday paawan chaman hua.
गोपियों के संग जो रास रचाए प्रेम से,
सबके कष्ट मिटाए वो बड़े ही नेम से,
कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाओ झूमकर,
दूर रहो हमेशा दुनिया के हर वहम से।
Gopiyon ke sang jo raas rachaaye prem se,
Sabke kasht mitaaye wo bade hi nem se,
Krishna Janmashtami ka utsav manaao jhoomkar,
Door raho hamesha duniya ke har waham se.
द्रौपदी की लाज बचाई जिसने चीर बढ़ाकर,
अर्जुन को ज्ञान दिया गीता का पाठ पढ़ाकर,
कृष्ण जन्माष्टमी पर नमन करो उस प्रभु को,
जो खड़ा रहा सदा धर्म की ढाल बनाकर।
Draupadi ki laaj bachaayi jisne cheer badhaakar,
Arjun ko gyaan diya Geeta ka paath padhaakar,
Krishna Janmashtami par naman karo us Prabhu ko,
Jo khada raha sada dharm ki dhaal banaakar.
कंस का मान तोड़ा और पाप का संहार किया,
सारे संसार से जिसने बेपनाह प्यार किया,
कृष्ण जन्माष्टमी पर गाओ जयकार उस देव का,
जिसने उद्धार के लिए अवतार स्वीकार किया।
Kans ka maan toda aur paap ka sanhaar kiya,
Saare sansaar se jisne bepanaah pyaar kiya,
Krishna Janmashtami par gaao jaykaar us Dev ka,
Jisne uddhaar ke liye avtaar sweekaar kiya.
चरण कमल बंदौं हरि के जो परम सुखदायी,
जिनकी कृपा से जग में कभी ना विपदा आई,
कृष्ण जन्माष्टमी की पावन बेला पर देखो,
हर तरफ बस खुशियों की शहनाई है बजाई।
Charan kamal bandau Hari ke jo param sukhdaayi,
Jinki kripa se jag mein kabhi na vipda aayi,
Krishna Janmashtami ki paawan bela par dekho,
Har taraf bas khushiyon ki shehnaai hai bajaayi.
माटी खाकर मुख में जिसने ब्रह्मांड दिखाया था,
मैया यशोदा को अपने ईश्वर रूप से मिलाया था,
कृष्ण जन्माष्टमी का दिन है बड़ा ही पावन,
जिसने हर भक्त के मन का संशय मिटाया था।
Maati khaakar mukh mein jisne brahmaand dikhaya tha,
Maiya Yashoda ko apne Ishwar roop se milaya tha,
Krishna Janmashtami ka din hai bada hi paawan,
Jisne har bhakt ke man ka sanshay mitaya tha.
सांवरे की सूरत दिल में बसा के देखना,
भक्ति की लौ मन में जला के देखना,
कृष्ण जन्माष्टमी पर हर मुराद पूरी होगी,
एक बार सच्चे मन से पुकार के देखना।
Saanwre ki soorat dil mein basa ke dekhna,
Bhakti ki lau man mein jala ke dekhna,
Krishna Janmashtami par har muraad poori hogi,
Ek baar sacche man se pukaar ke dekhna.
Janmashtami Ki Shayari
Janmashtami Ki Shayari में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की भक्ति, उमंग और आनंद को खूबसूरत शब्दों में व्यक्त किया जाता है। यह पर्व भक्तों के लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने का अवसर भी है। जन्माष्टमी की शायरी में कान्हा की बाल छवि, माखन चोरी की लीलाएं, मुरली की धुन और राधा-कृष्ण के प्रेम का भाव देखने को मिलता है। आप ऐसी शायरी को अपने प्रियजनों के साथ शेयर करके उन्हें जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं। सोशल मीडिया स्टेटस और त्योहार से जुड़े पोस्ट के लिए भी Janmashtami Ki Shayari एक सुंदर और प्रभावी विकल्प बन सकती है।

जन्माष्टमी की रात जब वो चांद मुस्कुराया,
गोकुल की गलियों में कान्हा का नूर छाया,
बधाई देने पहुंचे देव सारे गगन से,
जब नटखट मोहन इस धरती पे आया।
Janmashtami ki raat jab wo chand muskuraya,
Gokul ki galiyon mein Kanha ka noor chhaaya,
Badhaai dene pahunche dev saare gagan se,
Jab natkhat Mohan is dharti pe aaya.
जन्माष्टमी की सुबह लाई है नई रवानी,
अमर रहेगी सदा राधा-कृष्ण की कहानी,
माखन और मिश्री का भोग लगाओ प्रेम से,
बरसेगी तुम पर प्रभु की कृपा मस्तानी।
Janmashtami ki subah laayi hai nayi rawaani,
Amar rahegi sada Radha-Krishna ki kahaani,
Makhan aur mishri ka bhog lagaao prem se,
Barsegi tum par Prabhu ki kripa mastaani.
जन्माष्टमी की शाम जब मुरली बजती है,
हर एक गोपिका विरह में सजती है,
सच्चे दिल से जो याद करे बांके को,
उसकी हर एक सांस प्रभु नाम से जगती है।
Janmashtami ki shaam jab murli bajti hai,
Har ek gopika virah mein sajti hai,
Sacche dil se jo yaad kare Baanke ko,
Uski har ek saans Prabhu naam se jagti hai.
जन्माष्टमी की महिमा कोई ना जान पाया,
जिसने चाहा प्रेम से उसे ही वो भाया,
राज-पाट छोड़ के मीरा भी दीवानी हुई,
कान्हा ने ऐसा जादू इस जग पे चलाया।
Janmashtami ki mahima koi na jaan paaya,
Jisne chaaha prem se use hi wo bhaaya,
Raaj-paat chhod ke Meera bhi deewaani huyi,
Kanha ne aisa jaadu is jag pe chalaaya.
जन्माष्टमी की खुशबू हवाओं में समाई है,
सारे ब्रजमंडल में आज बधाई है,
आओ मिलकर झूला झुलाएं नंदलाल को,
जिसके आने से हर चेहरे पे हंसी आई है।
Janmashtami ki khushboo hawaon mein samaayi hai,
Saare Brajmandal mein aaj badhaayi hai,
Aao milkar jhoola jhulaayein Nandlal ko,
Jiske aane se har chehre pe hansi aayi hai.
जन्माष्टमी की चमक से अंधेरा भाग गया,
सोया हुआ हर इक मुकद्दर जाग गया,
जिसने भी थामी कन्हैया की उंगली,
वो हर एक बुरी बला को त्याग गया।
Janmashtami ki chamak se andhera bhaag gaya,
Soya hua har ik muqaddar jaag gaya,
Jisne bhi thaami Kanhaiya ki ungli,
Wo har ek buri bala ko tyaag gaya.
जन्माष्टमी की धुन पर हर दिल गाता है,
कान्हा का दर्शन हर प्यास बुझाता है,
लाखों गम हों चाहे इस जिंदगी में,
सांवरा हर गम को पल में मिटाता है।
Janmashtami ki dhun par har dil gaata hai,
Kanha ka darshan har pyaas bujhaata hai,
Laakhon gham hon chaahe is zindagi mein,
Saanwra har gham ko pal mein mitaata hai.
जन्माष्टमी की घंटी जब मंदिर में बजती है,
भक्तों के नैनों में मूरत प्रभु की सजती है,
छोड़ के सारी दुनिया की फिक्र जो आता है,
उसकी झोली खुशियों के मोतियों से सजती है।
Janmashtami ki ghanti jab mandir mein bajti hai,
Bhakton ke nainon mein moorat Prabhu ki sajti hai,
Chhod ke saari duniya ki fikr jo aata hai,
Uski jholi khushiyon ke motiyon se sajti hai.
जन्माष्टमी की बात ही कुछ और होती है,
भक्ति में डूबी हर एक भोर होती है,
कान्हा के चरणों में जो सिर झुका दे,
उसकी किस्मत सबसे ज्यादा पुरजोर होती है।
Janmashtami ki baat hi kuch aur hoti hai,
Bhakti mein doobi har ek bhor hoti hai,
Kanha ke charnon mein jo sir jhuka de,
Uski kismat sabse zyada purzor hoti hai.
जन्माष्टमी की बेला पर दिल को सजा लो,
कान्हा की मुरली की धुन को बसा लो,
पाप मिटेंगे सारे एक ही पल में,
बस प्रेम से राधे-गोविन्द गा लो।
Janmashtami ki bela par dil ko saja lo,
Kanha ki murli ki dhun ko basa lo,
Paap mitenge saare ek hi pal mein,
Bas prem se Radhe-Govind ga lo.
Janmashtami Shayari Gujarati
Janmashtami Shayari Gujarati गुजराती भाषा में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति को व्यक्त करने का खूबसूरत माध्यम है। गुजरात में कृष्ण भक्ति की समृद्ध परंपरा रही है और जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। गुजराती शायरी के माध्यम से भक्त कान्हा के जन्म की खुशी और उनकी दिव्य लीलाओं को अपने अंदाज में व्यक्त कर सकते हैं। ऐसी शायरी को जन्माष्टमी की शुभकामनाओं के साथ परिवार और दोस्तों को भेजा जा सकता है। अगर आपके प्रियजन गुजराती भाषा पसंद करते हैं, तो उनके लिए गुजराती जन्माष्टमी शायरी एक खास संदेश बन सकती है। इसे व्हाट्सऐप स्टेटस, फेसबुक पोस्ट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शेयर किया जा सकता है।

ગોકુળમાં વાગે વાંસળી ને નાચે છે સંસાર,
કાનજી આવ્યા આંગણે લાવ્યા ખુશીઓ અપાર,
જન્માષ્ટમીના પર્વ પર કરો પ્રેમનો સ્વીકાર,
માખણ ચોરીને જીતી લીધો સૌનો પ્યાર।
Gokul ma vaage vaansali ne naache chhe sansaar,
Kaanji aavya aangane laavya khushiyo apaar,
Janmashtami na parv par karo prem no sweekaar,
Makhan chorine jeeti leedho sauno pyaar.
દ્વારિકાનો નાથ મારો રાજા રણછોડ છે,
દુઃખિયાના દર્દ હરે એવો એનો તોડ છે,
જન્માષ્ટમીની રાતે જેણે શ્યામને પોકાર્યો,
એના જીવનની મુશ્કેલીઓનો વાળી દીધો મોડ છે।
Dwarika no naath maaro Raja Ranchhod chhe,
Dukhiya na dard hare evo eno tod chhe,
Janmashtami ni raate jene Shyam ne pokaaryo,
Ena jeevan ni mushkeliyo no vaali deedho mod chhe.
માખણની મટકી ફોડીને મચાવ્યો કેવો રંગ,
ગોપીઓ સૌ ઘેલી થઈને નાચે એની સંગ,
જન્માષ્ટમીનો ઉત્સવ છે આજે ખૂબ પાવન,
હૈયામાં જાગ્યા છે ભક્તિના નવા ઉમંગ।
Makhan ni matki phodine machaavyo kevo rang,
Gopiyo sau gheli thaine naache eni sang,
Janmashtami no utsav chhe aaje khoob paawan,
Haiya ma jaagya chhe bhakti na nava umang.
વાંસળીના સૂરમાં જેણે આખું જગત મોહ્યું,
રાધાજીના નયનોમાં પ્રેમનું રૂપ જોયું,
જન્માષ્ટમી પર વંદન કરો શ્રીકૃષ્ણના ચરણમાં,
જેણે ભક્તોના દિલમાંથી પાપ બધું ધોયું।
Vaansali na soor ma jene aakhu jagat mohyu,
Radhaji na nayano ma prem nu roop joyu,
Janmashtami par vandan karo Shri Krishna na charan ma,
Jene bhakto na dil maathi paap badhu dhoyu.
ગરબે ઘૂમે ગોપીઓ ને કાનુડો વગાડે મોરલી,
પ્રેમ ભરી નજરોથી છલકાઈ ગઈ છે ગોરલી,
જન્માષ્ટમીના તહેવારે ઝૂમે છે આખું ગુજરાત,
કાન્હાના આગમનની સજી ગઈ છે પરભાત।
Garbe ghoome gopiyo ne Kaanudo vagaade morli,
Prem bhari najro thi chhalkaai gayi chhe gorli,
Janmashtami na tahewaare jhoome chhe aakhu Gujarat,
Kanha na aagaman ni saji gayi chhe parbhaat.
નંદ ઘેર આનંદ ભયો જય કનૈયા લાલ કી,
હાથી ઘોડા પાલખી ને જય ગોપાલ કી,
જન્માષ્ટમી પર પૂરી થાય સૌની મનોકામના,
કૃપા વરસે સદાય એ મુરલીધર કૃપાળુ કી।
Nand gher aanand bhayo Jai Kanhaiya Lal ki,
Haathi ghoda paalkhi ne Jai Gopal ki,
Janmashtami par poori thaay sauni manokaamna,
Kripa varse sadaay e Murlidhar krupalu ki.
શ્યામ તારી મુસ્કાન પર આ જગત છે કુરબાન,
ગીતામાં તેં આપી દીધું જીવનનું સાચું જ્ઞાન,
જન્માષ્ટમીના દિવસે કરીએ તારી ભક્તિ,
તું જ આપે ભક્તોને સાચી જીવન શક્તિ।
Shyam taari muskaan par aa jagat chhe kurbaan,
Geeta ma te aapi deedhu jeevan nu saachu gyaan,
Janmashtami na divse kariye taari bhakti,
Tu j aape bhakto ne saachi jeevan shakti.
ડાકોરના ઠાકોર તારું રૂપ છે અનોખું,
તારા વિના જીવન આ લાગે બહુ મોળું,
જન્માષ્ટમી પર દર્શન આપો હે ગિરધારી,
તારા ચરણોમાં વારી ગઈ આ દુનિયા સારી।
Dakor na Thakor taaru roop chhe anokhu,
Taara vina jeevan aa laage bahu molu,
Janmashtami par darshan aapo he Girdhari,
Taara charno ma vaari gayi aa duniya saari.
મોરપીંછ માથે સોહે ને હાથમાં છે વાંસળી,
કાન્હા તારી પ્રીતમાં સુધરી ગઈ સૌની કુંડળી,
જન્માષ્ટમીની રાતે ઝૂલે છે તારું પારણું,
ભાગ્ય ખોલ્યું ભક્તોનું તેં ઉઘાડીને બારણું।
Morpinkh maathe sohe ne haath ma chhe vaansali,
Kanha taari preet ma sudhari gayi sauni kundali,
Janmashtami ni raate jhoole chhe taaru paaranu,
Bhaagya kholyu bhakto nu te ughadine baaranu.
માખણ અને મિશ્રીનો ભોગ ધરાવીએ ભાવથી,
પાર ઉતારી દેજે કાન્હા સંસારની આ નાવડી,
જન્માષ્ટમીના મંગલ પર્વની હાર્દિક શુભકામના,
સદા રહે અમારા પર તારા આશીર્વાદની છાયા।
Makhan ane mishri no bhog dharaaviye bhaav thi,
Paar utaari deje Kanha sansaar ni aa naavdi,
Janmashtami na mangal parv ni hardik shubhkaamna,
Sada rahe amaara par taara aasheervaad ni chhaaya.
Krishna Janmashtami Shayari in Hindi
Krishna Janmashtami Shayari in Hindi श्रीकृष्ण की भक्ति और जन्माष्टमी के उत्सव को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करती है। भगवान कृष्ण को प्रेम, करुणा, बुद्धिमत्ता और धर्म के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। उनकी जन्माष्टमी पर लिखी गई शायरी भक्तों के मन में श्रद्धा और सकारात्मकता का भाव पैदा करती है। ऐसी शायरी में कृष्ण की मुरली, राधा का प्रेम, गोकुल की गलियां और नंदलाल की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया जा सकता है। अगर आप इस जन्माष्टमी पर अपने स्टेटस या पोस्ट में भक्तिमय भाव जोड़ना चाहते हैं, तो कृष्ण जन्माष्टमी की हिंदी शायरी आपके लिए एक अच्छा विकल्प है।

माखन चुरा के जिसने प्रेम की रीत सिखाई,
अधरों पे रख के बंसी जिसने ये सृष्टि जगाई,
कृष्ण जन्माष्टमी की पावन रात में नमन करो,
जिसने अधर्म को मिटाकर धर्म की जोत जलाई।
Makhan chura ke jisne prem ki reet sikhaayi,
Adharon pe rakh ke bansi jisne ye srishti jagaayi,
Krishna Janmashtami ki paawan raat mein naman karo,
Jisne adharm ko mitaakar dharm ki jot jalaayi.
सांवले सलोने रूप पे ये जग सारा फिदा है,
नटखट कन्हैया की हर एक अदा जुदा है,
कृष्ण जन्माष्टमी पर जो मांगे दिल से दुआ,
उस भक्त के हर एक दुख की बन जाता वो दवा है।
Saanwle salone roop pe ye jag saara fida hai,
Natkhat Kanhaiya ki har ek ada juda hai,
Krishna Janmashtami par jo maange dil se dua,
Us bhakt ke har ek dukh ki ban jaata wo dawa hai.
यशोदा मैया का लाडला और गोकुल का उजियारा,
डूबते हुए हर इक दिल का बना वही सहारा,
कृष्ण जन्माष्टमी पर झूमो सब प्रेम भाव में,
उतर आया है जमीं पर आज वो जग का तारा।
Yashoda maiya ka laadla aur Gokul ka ujiyaara,
Doobte huye har ik dil ka bana wahi sahaara,
Krishna Janmashtami par jhoomo sab prem bhaav mein,
Utar aaya hai zameen par aaj wo jag ka taara.
मोरपंख माथे सजाकर जो मुरली मधुर बजाए,
सूखे हुए गुलशन में भी जो नए फूल खिलाए,
कृष्ण जन्माष्टमी की बेला बड़ी ही अनमोल है,
सच्चा भक्त वही जो प्रभु चरणों में शीश नवाए।
Morpankh maathe sajaakar jo murli madhur bajaaye,
Sookhe huye gulshan mein bhi jo naye phool khilaaye,
Krishna Janmashtami ki bela badi hi anmol hai,
Saccha bhakt wahi jo Prabhu charnon mein sheesh nawaaye.
कंस की नगरी में जन्मा पर गोकुल को महकाया,
कालिया नाग को नाथ कर यमुना का जल चमकाया,
कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव यही संदेश देता है,
सच्चाई की राह पे चलने वालों को प्रभु ने अपनाया।
Kans ki nagari mein janma par Gokul ko mehkaaya,
Kaliya naag ko naath kar Yamuna ka jal chamkaaya,
Krishna Janmashtami ka utsav yahi sandesh deta hai,
Sacchaai ki raah pe chalne waalon ko Prabhu ne apnaaya.
बंसी की मधुर तान से जो पत्थर भी पिघला दे,
भटके हुए राही को जो सही राह दिखा दे,
कृष्ण जन्माष्टमी पर जप लो राधे-कृष्ण का नाम,
वो मुरलीधर पल में तेरी हर बिगड़ी बना दे।
Bansi ki madhur taan se jo patthar bhi pighla de,
Bhatke huye raahi ko jo sahi raah dikha de,
Krishna Janmashtami par jap lo Radhe-Krishna ka naam,
Wo Murlidhar pal mein teri har bigdi bana de.
गोपियों के संग रास रचे और माखन की मटकी फोड़े,
अहंकार के झूठे सारे बंधनों को वो तोड़े,
कृष्ण जन्माष्टमी पर कर लो प्रभु से सच्चा नाता,
जो कभी ना इस जग में तुम्हारा साथ छोड़े।
Gopiyon ke sang raas rache aur makhan ki matki phode,
Ahankaar ke jhoothe saare bandhanon ko wo tode,
Krishna Janmashtami par kar lo Prabhu se saccha naata,
Jo kabhi na is jag mein tumhara saath chhode.
आंखों में जिसके करुणा का गहरा समंदर बहता,
जो हर एक भक्त के दिल की हर बात है कहता,
कृष्ण जन्माष्टमी की रात जो करे उनका ध्यान,
उसके घर में सदा खुशियों का पहरा रहता।
Aankhon mein jiske karuna ka gehra samandar behta,
Jo har ek bhakt ke dil ki har baat hai kehta,
Krishna Janmashtami ki raat jo kare unka dhyan,
Uske ghar mein sada khushiyon ka pehra rehta.
सुदामा के चावल खाकर जिसने तीनों लोक लुटाए,
सच्ची प्रीति के आगे जिसने सारे भेद मिटाए,
कृष्ण जन्माष्टमी पर याद करो उस सांवरे को,
जो हर विपदा में अपने भक्तों की लाज बचाए।
Sudama ke chaawal khaakar jisne teeno lok lutaaye,
Sacchi preeti ke aage jisne saare bhed mitaaye,
Krishna Janmashtami par yaad karo us saanwre ko,
Jo har vipda mein apne bhakton ki laaj bachaaye.
चरणों में गिरधर के सदा सुखों का बसेरा है,
जिस दिल में बसे मोहन वहां कभी ना अंधेरा है,
कृष्ण जन्माष्टमी की पावन रात में मांग लो आशीष,
उसी की कृपा से चमकता हर नया सवेरा है।
Charnon mein Girdhar ke sada sukhon ka basera hai,
Jis dil mein base Mohan wahan kabhi na andhera hai,
Krishna Janmashtami ki paawan raat mein maang lo aashish,
Usi ki kripa se chamakta har naya sawera hai.
Janmashtami Shayari Bhojpuri
Janmashtami Shayari Bhojpuri भोजपुरी भाषा की मिठास के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और जन्मोत्सव की खुशी को व्यक्त करती है। भोजपुरी क्षेत्र में धार्मिक त्योहारों को लोकभाषा और पारंपरिक अंदाज में मनाने की विशेष परंपरा है। जन्माष्टमी के अवसर पर भोजपुरी शायरी के जरिए भक्त कान्हा के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम को सहज शब्दों में व्यक्त कर सकते हैं। ऐसी शायरी परिवार, दोस्तों और सोशल मीडिया पर शुभकामना संदेश के रूप में शेयर की जा सकती है। भोजपुरी में लिखी कृष्ण भक्ति की पंक्तियां जन्माष्टमी के उत्सव में अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाती हैं। अगर आप अपनी शुभकामना को स्थानीय भाषा का स्पर्श देना चाहते हैं, तो यह कलेक्शन आपके लिए उपयोगी रहेगा।

माखन चोर के अइले कान्हा, गोकुल में भइल सोहर,
मुरली के धुन सुन के नाचे सगरी डगर-डगर,
जनमाष्टमी के ई पावन परब पर बा खुशहाली,
सांवरिया के चरनिया में झुकल बा हमार नजर।
Makhan chor ke aaile Kanha, Gokul mein bhail sohar,
Murli ke dhun sun ke naache sagari dagar-dagar,
Janmashtami ke ee paawan parab par ba khushaali,
Saanwariya ke charaniya mein jhukal ba humaar nazar.
फोड़ के मटकिया माखन खइलन, राधा संग रचावल रास,
दुख-दरद सब मिट जाई, रखिहऽ हिरदय में बिस्वास,
जनमाष्टमी पर गावत बाड़े सब मिल-जुल के मंगल गीत,
कान्हा जी पूरा करिहें राउर हर एगो आस।
Phod ke matakiya makhan khailan, Radha sang rachaawal raas,
Dukh-darad sab mit jaayi, rakhiha hirday mein biswaas,
Janmashtami par gaawat baade sab mil-jul ke mangal geet,
Kanha ji poora karihein raaur har ego aas.
नटखट ललना यशोदा माई के गोदिया में मुस्काए,
मुरलीधर के रूप देख के सारा जगत बिलाए,
जनमाष्टमी के रात भइल बा अजोर चारू ओर,
जे पुकारे कान्हा के ओकर बिगड़ल भाग जगाए।
Natkhat lalna Yashoda maai ke godiya mein muskaaye,
Murlidhar ke roop dekh ke saara jagat bilaaye,
Janmashtami ke raat bhail ba ajor chaaru aur,
Je pukaare Kanha ke okar bigdal bhaag jagaaye.
हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल के,
मिट जाई सब कलेसवा राउर आज के काल के,
जनमाष्टमी पर झूम के नाचऽ सब गोइयां मिल के,
कृपा बरसी असीम गोकुल के प्रतिपाल के।
Haathi-ghoda paalki, Jai Kanhaiya Lal ke,
Mit jaayi sab kaleswa raaur aaj ke kaal ke,
Janmashtami par jhoom ke naacha sab goiyan mil ke,
Kripa barasi aseem Gokul ke pratipaal ke.
मोर मुकुट माथे पर सोहे, चमके पीतांबर धारी,
बांसुरी के तान पर नाचे गोकुल के नर-नारी,
जनमाष्टमी के ई शुभ दिन पर करिला परनाम,
पार लगा दीहें नैया हमार कृष्ण मुरारी।
Mor mukut maathe par sohe, chamke peetaambar dhaari,
Baansuri ke taan par naache Gokul ke nar-naari,
Janmashtami ke ee shubh din par karila parnaam,
Paar laga deehein naiya humaar Krishna Muraari.
कंस के जुल्म मिटावे खातिर अइले नंदनंदन,
चरण धोइ के करऽ सभे आज प्रभु के वंदन,
जनमाष्टमी के पावन बेरिया मनवा भइल मगन,
महक उठल बा माटी जइसे महके चंदन।
Kans ke julm mitaawe khaatir aaile Nandanandan,
Charan dhoi ke kara sabhe aaj Prabhu ke vandan,
Janmashtami ke paawan beriya manwa bhail magan,
Mehak uthal ba maati jaise mehke chandan.
राधा रानी के संग विराजे कान्हा मुरलीवाला,
तोड़ दिहलन जवन कलयुग के भरम के ताला,
जनमाष्टमी पर शीश नवाइ के मांगऽ आसीस,
खुसियन से भर दिहें राउर घर के कोना-जाला।
Radha Rani ke sang viraaje Kanha murliwaala,
Tod dihalan jawan kalyug ke bharam ke taala,
Janmashtami par sheesh nawaai ke maanga aasees,
Khusiyan se bhar deehein raaur ghar ke kona-jaala.
माखन-मिश्री के भोग लगावा, बाजा बजवावा आज,
आ गइलन लडुवा गोपाल संवारे खातिर काज,
जनमाष्टमी के रंग में रंग गइल बा ई संसार,
बांके बिहारी के चरनन में बा पूरा लाज।
Makhan-mishri ke bhog lagaawa, baaja bajwaawa aaj,
Aa gailan Laduwa Gopal sanwaare khaatir kaaj,
Janmashtami ke rang mein rang gail ba ee sansaar,
Baanke Bihari ke charnan mein ba poora laaj.
यमुना तीरे गइया चरावे, मुरली मधुर बजावे,
जे भी ध्यावे मन से ओकरा पल में दरस देखावे,
जनमाष्टमी के पावन अवसर पर गाईं सब मिल सोहर,
कृष्ण कन्हैया हर विपदा से हमनी के बचावे।
Yamuna teere gaiya charaawe, murli madhur bajaawe,
Je bhi dhyaawe man se okra pal mein daras dekhaawe,
Janmashtami ke paawan awsar par gaaeen sab mil sohar,
Krishna Kanhaiya har vipda se hamni ke bachaawe.
झूला झूले नवल किसोर, यशोदा मैया हुलसे,
देखि के बाल रूप कान्हा के हर एगो हिरदय हरषे,
जनमाष्टमी के पर्व पर मिले रउआ के अपार दुलार,
कन्हैया के किरपा से घरवा में सुख-संपति बरसे।
Jhoola jhoole nawal kisor, Yashoda maiya hulse,
Dekhi ke baal roop Kanha ke har ego hirday harshe,
Janmashtami ke parv par mile rauwa ke apaar dulaar,
Kanhaiya ke kirpa se gharwa mein sukh-sampati barse.
FAQs
Janmashtami Shayari क्या होती है?
Janmashtami Shayari भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी, भक्ति और प्रेम को शब्दों में व्यक्त करने वाली शायरी होती है। इसमें कान्हा की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम, मुरली की मधुर धुन और भक्तों की श्रद्धा जैसे भाव शामिल किए जाते हैं। जन्माष्टमी के दिन लोग ऐसी शायरी अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को शुभकामना संदेश के रूप में भेजते हैं। सोशल मीडिया पर भी Krishna Shayari और Janmashtami Shayari का इस्तेमाल स्टेटस, कैप्शन तथा पोस्ट के लिए किया जाता है। सरल और भावपूर्ण शब्दों वाली शायरी इस पावन पर्व की खुशी को दूसरों तक पहुंचाने का सुंदर माध्यम बन सकती है।
Janmashtami पर Shayari कैसे शेयर कर सकते हैं?
आप Janmashtami Shayari को कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से शेयर कर सकते हैं। इसे व्हाट्सऐप स्टेटस, व्यक्तिगत चैट, फेसबुक पोस्ट, इंस्टाग्राम कैप्शन या स्टोरी में इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप परिवार और दोस्तों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं, तो शायरी के साथ भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर तस्वीर भी जोड़ सकते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में छोटी और आकर्षक शायरी ज्यादा प्रभावी रहती है, जबकि व्यक्तिगत संदेश में थोड़ी भावपूर्ण पंक्तियां भेजी जा सकती हैं। अपनी पसंद के अनुसार हिंदी, गुजराती या भोजपुरी भाषा में शायरी चुनकर आप अपने शुभकामना संदेश को और व्यक्तिगत बना सकते हैं।
Happy Janmashtami Shayari में क्या लिखा जा सकता है?
Happy Janmashtami Shayari में भगवान श्रीकृष्ण की कृपा, सुख-शांति, प्रेम और समृद्धि की शुभकामना व्यक्त की जा सकती है। इसमें कान्हा की मनमोहक बाल छवि, राधा-कृष्ण का प्रेम, मुरली की धुन या गोकुल की यादों जैसे भावों को शामिल किया जा सकता है। एक अच्छी जन्माष्टमी शायरी छोटी, सरल और भावपूर्ण हो तो उसे पढ़ना और शेयर करना आसान होता है। आप ऐसी शायरी अपने परिवार, मित्रों और रिश्तेदारों को भेज सकते हैं। सोशल मीडिया पर इसे आकर्षक कृष्ण तस्वीर के साथ पोस्ट करने से आपका जन्माष्टमी संदेश और भी सुंदर दिखाई दे सकता है।
Krishna Janmashtami Shayari किसके लिए शेयर कर सकते हैं?
Krishna Janmashtami Shayari आप अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों, सहकर्मियों और प्रियजनों के साथ शेयर कर सकते हैं। जन्माष्टमी एक भक्तिमय और आनंदमय अवसर है, इसलिए इस दिन भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सुंदर शायरी भेजकर सभी को शुभकामनाएं दी जा सकती हैं। अगर आपके किसी करीबी व्यक्ति को कृष्ण भक्ति पसंद है, तो उसके लिए राधा-कृष्ण या कान्हा से जुड़ी भावपूर्ण शायरी खास संदेश बन सकती है। आप इसे व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा कर सकते हैं। भाषा और शैली अपनी पसंद के अनुसार चुनकर संदेश को और खास बनाया जा सकता है।
Janmashtami Shayari Hindi में क्यों लोकप्रिय है?
Janmashtami Shayari Hindi में इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि हिंदी देश के बड़े हिस्से में आसानी से समझी जाने वाली भाषा है और इसमें भावनाओं को सहज तरीके से व्यक्त किया जा सकता है। भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा, राधा-कृष्ण का प्रेम और जन्माष्टमी की खुशी को हिंदी शायरी सरल शब्दों में लोगों तक पहुंचाती है। त्योहार के दौरान लोग ऐसी शायरियों को स्टेटस, कैप्शन और शुभकामना संदेश के रूप में इस्तेमाल करते हैं। छोटी दो-चार पंक्तियों वाली शायरी भी सोशल मीडिया पर आसानी से शेयर की जा सकती है। यही कारण है कि जन्माष्टमी के समय हिंदी कृष्ण शायरी की मांग काफी बढ़ जाती है।
निष्कर्ष
100 Janmashtami Shayari in Hindi से सजाएं कान्हा भक्ति के संदेश
जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी, प्रेम और भक्ति का पावन पर्व है। इस खास अवसर पर सुंदर शायरी के माध्यम से आप अपने प्रियजनों तक श्रद्धा और शुभकामनाओं की भावनाएं पहुंचा सकते हैं। हिंदी, गुजराती और भोजपुरी सहित अलग-अलग भाषाओं में कृष्ण शायरी को सोशल मीडिया स्टेटस और शुभकामना संदेश के रूप में साझा किया जा सकता है। उम्मीद है कि यह 100 Janmashtami Shayari in Hindi कलेक्शन आपको अपने मन की भक्ति और प्रेम को खूबसूरत शब्दों में व्यक्त करने में मदद करेगा।

About Author : मैं लंबे समय से हिंदी भाषा में कार्यरत एक अनुभवी लेखक, संपादक और ब्लॉगर हूँ। मुझे कविताओं, खासकर शायरी, के भावों और गहराई को शब्दों में पिरोने का विशेष जुनून है। इसके साथ ही मुझे उत्सवों, समारोहों और पार्टियों के माहौल को करीब से महसूस करना और उन्हें खूबसूरत कहानियों में बदलना बेहद पसंद है। मैं ऐसे आयोजनों में नियमित रूप से शामिल होकर हर पल की भावना को शब्दों में ढालती हूँ, ताकि पाठक उन अनुभवों को पढ़कर आनंद ले सकें और उनसे जुड़ाव महसूस करें।

